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प्रधानमंत्री आवास का लाभ होगा : घरों घर पक्के मकान होगे : आइए जानते है कैसे होगा लाभ..कब करना है आवेदन…?

सुविधाविहीन आदिवासी बहुल गांव में विकास की गंगा बहाने के लिए केंद्र सरकार ने योजना बनाई है। प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना में इन गांवों को शामिल किया गया है।

चार गांवों के लिए छह करोड़ 17 लाख रुपये जारी

बिलासपुर संभाग के दो जिलों को आदि आदर्श ग्राम योजना में शामिल किया गया है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के आठ गांव के लिए सात करोड़ 87 लाख रुपये से 55 कार्य और जांजगीर-चांपा जिले के चार गांवों के लिए छह करोड़ 17 लाख रुपये जारी किए गए है। यहां 44 कार्य किए जाने हैं।

प्रदेश के आदिवासी बहुल तकरीबन चार हजार गांवों को प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना के दायरे में शामिल किया गया है। इन गांवों में आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए पांच साल की कार्ययोजना बनाई गई है। सड़क,पानी,बिजली,स्कूल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम किया जाएगा। सबसे पहले सड़कों की जाल बिछाई जाएगी। किसी गांव में पेयजल संकट होगा तो पेयजल आपूर्ति की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। मतलब साफ है कि प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य को अंजाम दिया जाएगा।

चार हजार 29 गांव का चयन

केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। विकास के मार्ग पर पिछड़े इन गांवों को विकसित गांव की श्रेणी में खड़ा करने का काम मंत्रालय को होगा। एक जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में चार हजार 29 गांव का चयन किया गया है। चयन का आधार जनसंख्या को बनाया है। ऐसे गांव जहां आदिवासियों की आबादी 500 से अधिक या फिर गांव की कुल जनसंख्या का 50 फीसद है।

ऐसे गांव को प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना में शामिल किया गया है। मालूम हो कि नवंबर में छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। छग और मध्यप्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगोंं की संख्या बहुतायत है। प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना में विकास कार्य के जरिए आदिवासियों की एक बड़ी संख्या को साधने की कोशिश भी होगी।

इन जिलों में अनुसचित जनजातियों की संख्या अधिक

प्रदेश में 10 जिले ऐसे हैं जहां अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। इन जिलों में अजजा वर्ग की संख्या 55 से 84 प्रतिशत के करीब है। इसमें जशपुर, सरगुजा, कांकेर, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बलरामपुर व कोंडागांव को शामिल किया गया है।

इन जिलों में 45 प्रतिशत जनसंख्या

प्रदेश में नौ ऐसे भी जिले हैं जहां अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों की जनसंख्या 26 से 45 प्रतिशत के करीब है। इसमें गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, रायगढ़, कोरिया, सूरजपुर, गरियाबंद, बालोद, महासमुंद, राजनादगांव जिले हैं।

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