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रायपुर(CG.)। लोकतंत्र में जो ताकत अरबपति अडानी, अंबानी की वही शक्ति एक किसान, गरीब, मजदूर और आदिवासी समाज की भी : आर. एन. ध्रुव(प्रान्तध्यक्ष)


अमर शहीद वीर नारायण सिंह शहादत दिवस लगातार 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती महोत्सव के रूप में अंवरी परिक्षेत्र गातापार द्वारा अंवरी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10:00 बजे कलश शोभायात्रा के साथ कुलंजन सिंह मंडावी के नेतृत्व में समाज के युवा वर्ग वीरता के प्रतीक पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र भाला ,फरसा, तलवार, कटार, तीर-धनुष का प्रदर्शन करते हुए गांव की गलियों में भ्रमण किए। तत्पश्चात 2:00 बजे इष्ट देव की पूजा अर्चना एवं शहीद वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पण के साथ अतिथियों का स्वागत उद्बोधन किया गया।

इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष आर एन ध्रुव द्वारा अपनी बात रखते हुए कहा कि देश की आजादी में शहीद वीर नारायण सिंह के दादा फत्ते नारायण सिंह ने तत्कालीन भोंसले शासन के विरुद्ध संघर्ष किया था तथा उनके पिता श्री रामसाय ने भी ब्रिटिश आधिपत्य का विरोध किया था। स्पष्ट है कि स्वाधीन रहने की भावना शहीद वीर नारायण सिंह को विरासत में ही मिली थी ।अपने दादा और पिता की परंपरा को कायम रखते हुए उन्होंने सोनाखान की आजादी हेतु और यहां की जनता के कल्याण के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि गोंडवाना के सुर वीरों के बदौलत देश में गोंडवाना का वैभवशाली समृद्धि इतिहास रहा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन सत्ता की परिभाषा बदल गई है। अब सबको एक वोट एक पावर का समान अधिकार मिला है। लोकतंत्र में जो ताकत अरबों खरबों के मालिक बड़े उद्योगपति अडानी ,अंबानी की है वही शक्ति एक किसान, गरीब, मजदूर, आदिवासी समाज की भी है। गोंड समाज देश में सबसे बड़ा समाज है ।यदि यह समाज संगठित हो गया तो हमारी बातों को दुनिया की कोई भी ताकत नजरअंदाज नहीं कर सकता। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जो समाज संगठित होगा वही सत्ता में भागीदार हो सकता है। सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जीवराखन लाल मरई ने कहा कि सरकार लगातार आदिवासी हितों की अनदेखी कर रही है ।उन्होंने कहा कि कोरोना काल में लोग जान बचाने के लिए जब अपने अपने घरों में थे तो छत्तीसगढ़ के कई विभागों में हजारों की तादाद में आदिवासी अधिकारी कर्मचारी के पदों पर गैर आदिवासियों की पदोन्नति कर दी गई है। जिसके कारण आदिवासी समाज के अधिकारी कर्मचारी पदोन्नति से वंचित हो गए हैं। जिसकी भरपाई असंभव है। सरकार ढाई लाख की आय सीमा लाकर आदिवासियों को भी क्रीमी लेयर में ले आई है जिसके कारण आदिवासी समाज के बहुत सारे प्रतिभाशाली छात्र छात्राएं पैसों के अभाव में उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के तहसील अध्यक्ष कुरूद ठाकुर राम नेताम ,गोंड समाज के तहसील अध्यक्ष भूपेंद्र नेताम, पूर्व मंडी अध्यक्ष जागेश्वर ध्रुव, सरपंच अंवरी भुनेश्वर साहू ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बीरबल कुंजाम, राजकुमार कतलाम, गिरीश नेताम, बालाराम पडोटी, विजय सिंह कुंजाम, विष्णु राम छेदेहा, बलदाऊ राम नेताम, गेंदुराम कोर्राम ,दुखीराम नेताम, कामता राम कुंजाम ,नरोत्तम पडोटी ,धनसिंह मंडावी, होमन सिंह कतलम, रोहित नेताम, भुनेश्वर मंडावी, थनवार पाल, चिंताराम मरकाम, ईश्वर मंडावी, गणेश राम पडोटी सहित बड़ी संख्या में समाजिक जन उपस्थित थे।

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